Saturday, 25 March 2017

तेरे बिना तन्हा हम रहने लगे हैं, दर्द के तूफानों को सहने लगे हैं, बदल गयी है इसकदर मेरी जिन्दगी, अश्क बनकर पलकों से बहने लगे हैं!

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